पारदर्शी विकास न्यूज़ । कन्सलटेंट के फर्जीवाड़ा की फाइल निदेशक वित्त दबाये बैठे हैं : कन्सलटेंट की नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग : निजीकरण के विरोध में सांसदों और विधायकों को ज्ञापन देने का क्रम जारी : पहलगाम घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी गयी :
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने झूठे शपथ पत्र के मामले में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होने के बाद पॉवर कारपोरेशन के निदेशक वित्त निधि नारंग द्वारा फर्जीवाड़ा की फाइल दबाये रखने को गम्भीर मामला बताते हुए उप्र सरकार से मांग की है कि निजीकरण हेतु की गयी कन्सलटेंट की नियुक्ति तत्काल रद्द की जाय। निजीकरण के विरोध में आज देश में कई सांसदों और विधायकों को ज्ञापन दिये गये। पहलगाम में हुए अमानवीय बर्बर एवं कायरतापूर्ण हमले की निन्दा करते हुए संघर्ष समिति ने दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। पहलगाम घटना को देखते हुए आज प्रदेश भर में विरोध सभायें नहीं की गयी और मृतकों को श्रद्धाजलि अर्पित की गयी।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0 एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कन्सलटेंट की नियुक्ति में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गयी और नियुक्त किये गये कन्सलटेंट ग्रान्ट थॉर्टन पर अमेरिका में पेनॉल्टी लगने और झूठा शपथ पत्र देने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पता चला है कि इसके बावजूद ग्रान्ट थॉर्टन को ब्लैकलिस्ट करने के बजाय पॉवर कारपोरेशन के निदेशक वित्त निधि नारंग फाइल को दबाये हुए हैं और इसी कन्सलटेंट से निजीकरण की प्रक्रिया पर डॉक्यूमेंट तैयार करा रहे हैं।

संघर्ष समिति ने कहा कि यह अत्यन्त गम्भीर मामला है और उप्र सरकार को विशेषतया एनर्जी टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव को इसका संज्ञान लेना चाहिए और कम्पनी को ब्लैक लिस्ट कर इसकी नियुक्ति के आदेश रद्द करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पता चला है कि मे. ग्रान्ट थॉर्टन के जरिये निदेशक वित्त एवं पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु आरएफपी डॉक्यूमेंट तैयार करा लिये हैं। यह सारी प्रक्रिया पूरी तरह भ्रष्टाचार के दायरे में आती है। ऐसा लगता है कि निदेशक वित्त का कार्यकाल इसी घोटाले के लिए बढ़ाया गया था। अब निदेशक वित्त का कार्यकाल आगामी 05 मई को समाप्त हो रहा है और वे निजीकरण के डॉक्यूमेंट को अन्तिम रूप देने में लगे हुए हैं। इससे लगता है कि उनकी निजी घरानों के साथ मिली भगत है।

निजीकरण के विरोध में कराये जा रहे ज्ञापन दो अभियान के अन्तर्गत आज बदायूं में संसद सदस्य आदित्य यादव और इटावा में संसद सदस्य जितेन्द्र दोहरे को ज्ञापन दिया गया। विधान परिषद के सदस्य डॉ मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक गणेश चन्द्र चौहान, विधायक अंकुर राज तिवारी, विधायक विजय राजभर और पूर्व राज्य मंत्री श्रीमती रीबू श्रीवास्तव को अलग-अलग जनपदों में ज्ञापन दिया गया। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में पार्षदों, ग्राम पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को ज्ञापन दिये गये।
पहलगाम में हुई कायरतापूर्ण बर्बर घटना को देखते हुए आज प्रदेश भर में विरोध सभायें नहीं की गयीं। आज सभाओं के माध्यम से पहलगाम की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया गया और असहाय मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

