जगनायक प्रधान /पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर।शीतल मंद सुगंध मलय हो। नववर्ष शुभ मंगलमय हो। गीता ग्रंथ महान है। भारत की पहचान है। जाग्रत हिन्दू ! जाग्रत भारत आदि के साथ गगनभेदी नारों से राधा कृष्ण मन्दिर पाण्डु नगर कानपुर का प्रांगण हजारों गीतानुरागियों द्वारा गुज्जायमान कर नववर्ष की शुभकामनायें आपस में प्रदान करते हुये नये भारत का आभास कराया।

श्रीमद्भगवद्गीता वैदिक न्यास एवं श्री राधा कृष्ण मन्दिर ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से भारतीय नववर्ष ( चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ) विक्रम संवत 2082 के सुअवसर पर आयोजित नववर्ष सांस्कृतिक महोत्सव प्रतिवर्ष की भॉति इस वर्ष जनपद के चारो दिशाओं से न्यास के चारों जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में अपने पूर्व – पश्चिम- उत्तर – दक्षिण जिलों से 12 से अधिक शोभा यात्राऐं विशाल जनसमूह गाजे – बाजे, झण्डे, झॉकी रथ एवं वाहनों द्वारा अपने पूर्व निर्धारित स्थान से उठकर पूर्व में सिद्वनाथ धाम, जाजमउ पश्चिम में पनकी धाम, काली मठिया मन्दिर, शास्त्री नगर, उत्तर में बिठूर इॅस्कान मन्दिर एवं सरसैया घाट तथा दक्षिण में सोटे वाले हनुमान मन्दिर, किदवई नगर, कॉमद स्कूल बर्रा, नौबस्ता रतनलाल नगर, दीप चौराहा एवं परशुराम द्वार आदि स्थानों से उठकर ढोल नगाढों छाच, बैण्ड बाजों के साथ सजे हुये रथों में कहीं श्रीराम दरबार की झॉकी, कहीं राजा विक्रमादित्य की झॉकी, कहीं छत्रपति शिवाजी की झॉकी तथा कहीं छोटे बच्चे कृष्ण का रूप धारण की नाचते गाते नववर्ष की बधायी देते हुये भारी संख्या में भारतीय नववर्ष सांस्कृतिक महोत्सव स्थल पर ठीक साढे चार बजें व्यविस्थत एवं अनुशासित होकर हर्षोल्लास के साथ बालक एवं वृद्व, महिलाऐ एवं युवक सभी यात्रा समापन स्थल पर पहुचे जहॉ पहुचकर राधाकृष्ण मन्दिर को ” जागा हिन्दू – जागा भारत “ जियों गीता के संग- सीखों जीवन जीने का ढ़ग आदि गगनभेदी नारों से आच्छादित कर दिया।

श्रीमद्भगवद्गीता वैदिक न्यास द्वारा आयोजित रंगारंग महोत्सव का प्रारम्भ श्रीगणेश वन्दना एवं श्रीमती कविता सिंह के मधुर भजनों तथा उनकी टीम द्वारा वातावरण उल्लापूर्ण एवं भक्तिमय कर दिया गया। उक्त सांस्कृतिक महोत्सव में महंत जीतेन्द्र दास जी, कृष्ण दास जी, ब्रम्हचारी अरूण भारती जी महाराज तथा बालयोगी अरूण चैतन्य पुरी जी महाराज एवं चारों दिशाओं से श्रीमान राजीव महाना ,डा0 रोचना बिश्नोई, श्री भूपेश अवस्थी, श्री प्रेमचन्द्र अग्निहोत्री, श्री मुकेश पालीवाल, श्री अरूण जी, श्री अखिलेश शुक्ला के नेतृत्व में भव्य यात्राओं का न्यास अध्यक्ष डा0 उमेश पालीवाल जी ने मन्दिर प्रांगण में स्वागत कर हर्ष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता वैदिक न्यास की अद्यतन विकास यात्रा श्री परमानन्द शुक्ल महामंत्री ने रखकर न्यास के आगामी कार्यक्रमों एवं श्रीमद्भगवद्गीता विद्यालयी पाठ्यक्रमों में सम्मिलित कराने तथा विक्रम संवत को राष्टीय संवत घोषित कराने आदि प्रस्तावों की रूपरेखा रखी।
कार्यक्रम मध्य माननीय भवानी भीख तिवारी जी, प्रांतीय संघचालक, ने प्रबुद्व भारत – सशक्त भारत की नीव में, पंच संकल्पो को आवाहन कर बताया कि राष्ट्र के आम जनमानस को अपना स्वाभिमान जाग्रत करना होगा और यह स्वाभिमान श्रीमद्भगवद्गीता से ही आयेगा। पंच संकल्प पर श्री भवानी भीख जी द्वारा विस्तापूर्वक युवकों के समक्ष स्वाभिमानी एवं शक्तिशाली भारत की छवि स्पष्ट की और कहा कि अगली सदी भारत की सदी होगी। इसके लिये युवकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ो को मजबूत करना होगा, कालजयी संस्कृति को अपने में उतारना होगा

कार्यक्रम मध्य मुख्य अतिथि ब्रम्हचारी कौशिक जी महाराज चिन्मय मिशन द्वारा आम जनमानस को गीता जीवन में धारण करने हेतु प्रेरित किया एवं कहा कि किस प्रकार गीता व्यक्ति को मानव बनाती है और कहा कि आज भारत को हजारों बौद्विक योद्वा चाहिये जो भारत की संस्कृति, धर्म और आध्यात्म को विश्व पटल पर उगते सूरज सा चमका सके, आज भारत को शंकराचार्य, विवेकानन्द जी, वीर शिवाजी, मंगल पाण्डे, भगत सिंह चाहिये जो श्रीमद्भगवद्गीता के अध्यन और उसको जीवन में धारण करने से ही संभव है। युवक अपने को गीता द्वारा शिक्षित कर अपना नैतिक और चारित्रिक बल संग्रहीत कर सुदृण बने।
कार्यक्रम में गीता प्रचार-प्रसार हेतु श्री गीता रत्न सम्मान से श्रीमान सचिन भगत, हरविन्दर सिंह लार्ड, अशोक अंशवानी, अरूणपुरी, राजीव तुल्सयान, डा. हरीश अजमानी,, श्रीमती नीतू सिंह, राजीव सोनी, शैलेश अवस्थी, इन्द्रमोहन रोहतगी, ओम प्रकाश आनन्द, रमेश चिन्तक, के. ए. दुबे पदमेश, सुनील मोरारका जी को सम्मानित किया गया। उपरोक्त महोत्सव में बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन इण्टर कालेज, एस.जी.एम. इण्टर कालेज के छात्रों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति देकर आम जनमानस के मन को मोहित कर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमान अमरनाथ जी घ्येयनिष्ठ, करौली शकंर महादेव, राजीव महाना, डा. रोचना विश्नोई, ए एन द्विवेदी, भूपेश अवस्थी, प्रेम चन्द्र अग्निहोत्री , श्री प्रकाश पाल, श्री रमेश अवस्थी, श्री सुरेन्द्र मैथानी, श्री सलिल विश्नोई, श्रीमती नीलिमा कटियार, श्री सुरेश अवस्थी, श्री महेश त्रिवेदी, श्री अरूण पाठक, श्री अनिल दीक्षित, श्री दीपू पाण्डेय, श्री सुनील बजाज, श्री नीरज बाजपेयी पार्षद, पकंज मिश्रा, प्रबन्धक जे.के मन्दिर, तुषमूल, आदि गणमान्य उपस्थित रहे।
