भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए भेजी है 24अरब रू की पहली किश्त
संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। मजदूर दिवस मनरेगा के मजदूरों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। भारत सरकार की ओर से जारी की गई मजदूरी की धनराशि मजदूरों के खाते में पहुंचने लगी है।

नये वित्तीय वर्ष में मनरेगा कर्मियों और मनरेगा मजदूरों के लिए लगभग छः महीने बाद अच्छी खबर आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन दिल्ली से उत्तर प्रदेश में मनरेगा के कार्यों के भुगतान के लिए लगभग 24अरब रूपए धनराशि की प्रथम किश्त जारी हुई है।यह धनराशि एक दो दिन के भीतर सभी जिलों में पहुंचने की संभावना है।
मंत्रालय के एकाउंट और पेमेंट आफिसर की ओर से 21अप्रैल को इस आशय का पत्र जारी किया गया है। केंद्र सरकार ने प्रथम किश्त के रूप में 23438058000रू की धनराशि अवमुक्त की गई है। अनुसूचित जातियों के लिए 6912477000रू और अनुसूचित जातियों के लिए 22,5715000रू जारी किए गए हैं।अन्य के लिए 16299866000रू स्वीकृत और अवमुक्त किए गए हैं।
मनरेगा में पूरे प्रदेश में नवम्बर 2024से ही भुगतान नहीं हो रहे थे। प्रदेश के सभी जिलों में लेबर पेमेंट न होने से अधिकांश ग्राम पंचायतों में काम बंद हो गये। ग्राम प्रधानों ने हाथ खड़े कर दिए। पहली किश्त की धनराशि 24अरब रू जारी हो गई है। शीघ्र ही मजदूरों के खाते में मजदूरी के पैसे पहुंचने लगेंगे।
बीस करोड़ रुपए से अधिक बकाया,242ग्राम पंचायतों में काम ठप
जनपद अमेठी में मनरेगा के अन्तर्गत लगभग बीस करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। जिले की 682में से 242ग्राम पंचायतों में काम शून्य रहे काम करने वाले मजदूरों की संख्या 7813रही।जामो और सिंहपुर विकास खंड को छोड़कर सभी विकास खंडों में कार्यस्थलों पर श्रमिकों की संख्या एक हजार से कम हो गई है। अमेठी ब्लाक में 181, संग्रामपुर में 213, तिलोई में 229, भादर में 401और भेंटुआ में 578मजदूरों ने काम किया है।
भारत सरकार की ओर से प्रथम किश्त की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। विलंबित भुगतान शीघ्र होंगे। सभी खंड विकास अधिकारियों को नये कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने और नयी परियोजनाएं शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
