पुरानी पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं,अटेवा ने मनाया काला दिवस

मार्च निकाला, कलेक्ट्रेट में डी एम को दिया ज्ञापन

सभी शिक्षक और कर्मचारी संगठन शामिल हुए

संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन के क्रम में अटेवा पेंशन बचाओ ने मंगलवार को पूरे देश में काला दिवस मनाया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने बांह में काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। डी एम के प्रतिनिधि के रूप में एस डी एम प्रीति तिवारी ने अटेवा का ज्ञापन लिया।
मंगलवार को जिले के शिक्षक और कर्मचारी बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास जमा हुए। यहां से अटेवा के जिला अध्यक्ष मंजीत यादव और महामंत्री अजय कुमार मौर्य की अगुवाई में नारे लगाते हुए पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ,पी ए पी एस, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ,एस सी एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी पैदल मार्च में शामिल हुए।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश के लगभग एक करोड़ शिक्षक और कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण की समाप्ति की मांग कर रहे हैं।देश का शिक्षक और कर्मचारी एन पी एस का दंश झेल रहा है।हाल ही में सरकार द्वारा यूनाइटेड पेंशन स्कीम -यू पी एस देने का निर्णय लिया गया है, इसके अन्तर्गत जो प्रावधान सामने आए हैं, उससे प्रतीत होता है कि यह एन पी एस से भी घातक स्क्रीम है।देश का अर्धसैनिक बल, शिक्षक, अधिकारी , कर्मचारी सब स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं।एन पी एस/यू पी एस जैसी घातक व्यवस्था को समाप्त कर सरकार पुरानी पेंशन बहाल करे और निजीकरण समाप्त करे।


अटेवा के जिला मंत्री सैयद अली वाकर, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अब्दुल रसीद, उपाध्यक्ष संजीव कुमार, महामंत्री रमाकांत मौर्य, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह, मंत्री श्री राम सोनी, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राम अंजोर प्रजापति,पी ए पी एस के जिला अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप मिश्र,एस सी एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री आर एस चक्रवर्ती, अम्बेडकर कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष शीतला प्रसाद दाढ़ी, रमाशंकर यादव, सालेहा खातिर जमा,आर डी सहगल,मो असगर, प्रवीण कुमार सिंह, कपिलेश यादव, अवनीश वर्मा,मो रऊफ, रंजीत यादव, सचिन, आकाश, बृजेन्द्र,हरिभान सिंह , अर्पित मिश्र, महेंद्र प्रताप सिंह,राम जश वर्मा, हरिचरण गौतम आदि मौजूद रहे।


पुरानी पेंशन हमारी बुढ़ापे की लाठी है। संघर्ष का सफर चाहे जितना लम्बा हो,हम इसे लेकर ही रहेंगे।ओ पी एस से कम कुछ भी मंजूर नहीं


देश के राजनेता सदन में बैठकर जब चाहते हैं अपने वेतन भत्ते बढ़ा लेते हैं।देश‌ के लिए ईमानदारी और निष्ठा से सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के हितों की उन्हें बिल्कुल चिंता नहीं है। एक अप्रैल को काला दिवस गूंगी,बहरी और अंधी सरकार को जगाने के लिए है।जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती,अटेवा के नेतृत्व में संघर्ष जारी रहेगा। एक मई को मजदूर दिवस पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

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