संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/मुंशीगंज। लोक सभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का अमेठी का दौरा ऐसे समय हुआ है जब देश में आतंकी संगठनों और पाकिस्तान के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश है।देश की जनता आतंकवादी संगठनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए केंद्र सरकार और सेना की कार्रवाई का इंतजार कर रही है।भाजपाई राहुल गांधी को आतंक का साथी साबित करने के पूरे देश में पोस्टर वार चलाए हुए हैं। विरोध की चिंता किए बगैर राहुल गांधी बुधवार को अमेठी के सांसद के एल शर्मा को साथ लेकर अमेठी पहुंचे। पहले उन्होंने आर्डिनेंस फैक्ट्री का निरीक्षण किया।इस आर्डिनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास उन्होंने 2दिसम्बर2007को किया था।उस समय राहुल गांधी सांसद थे। केन्द्र में यू पी ए की सरकार थी। तत्कालीन रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के साथ उन्होंने आयुध निर्माणी इकाई कोरवा का शिलान्यास किया था। फैक्ट्री की ओर से उत्पादन शुरू हो गया है। यहां तैयार ए के -203राइफलें भारतीय सेना को मिल चुकी हैं।7.62 एम एम असाल्ट राइफलों की पहली खेप 2019-20में ही सेना को भेजी जा चुकी है।

आर्डिनेंस फैक्ट्री में राहुल गांधी के विजिट कार्यक्रम के निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। राहुल के दौरे के बाद आर्डिनेंस फैक्ट्री और राइफलें एक बार फिर सुर्खियों में है। लोगों का कहना है कि राहुल गांधी केंद्र सरकार और भाजपा के नेताओं को जबाब देने के लिए यहां आए थे। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि राहुल गांधी को पाकिस्तान का सहयोगी बताकर भारतीय जनता पार्टी गलत छवि बनाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी देश रक्षा में आगे रहे हैं। गांधी परिवार ने राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए बड़ी कुर्बानियां दीं हैं।
अपने सांसद काल में उन्होंने अमेठी को एक ऐसी आर्डिनेंस फैक्ट्री दी है,जिसकी ए के -203राइफलें सीमा पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए पर्याप्त हैं।
