कानपुर। युगकवि एवं रामकथा मर्मज्ञ कुमार विश्वास द्वारा वामपथ की ओर जा रही युवा पीढ़ी को रामपथ पर लाने के संकल्प की सिद्धि के उद्देश्य से 25 दिसंबर 2025 को कंपनी बाग चौराहा, कानपुर में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुमार विश्वास के प्रशंसकों के संगठन विश्वासम परिवार, कानपुर इकाई द्वारा आयोजित किया गया।
रामकथा की पूर्व संध्या पर चंद्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय, कंपनी बाग चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर में विश्वासम परिवार के सदस्यों एवं शहर के दर्जनों युवाओं ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इस दौरान हनुमान और राम से यह प्रार्थना की गई कि जब तक कानपुर में रामकथा का आयोजन हो, तब तक उनका आशीर्वाद पंडाल और आयोजन पर बना रहे। साथ ही देश में शिक्षा, संस्कार और संस्कृति के उद्देश्य से प्रस्तावित विश्वविद्यालय की संकल्पना को साकार करने की भी कामना की गई।
प्रार्थना सभा का नेतृत्व कर रहे प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि यदि भारतेन्दु युग भारतेन्दु हरिश्चंद्र का और द्विवेदी युग महावीर प्रसाद द्विवेदी का माना जाता है, तो वर्तमान युग कुमार विश्वास का है। उन्होंने कहा कि कुमार विश्वास ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया है। कोरोना काल में देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सहयोग करने से लेकर ‘अपने-अपने राम’ के माध्यम से एक विश्वविद्यालय की स्थापना का संकल्प, उनके सामाजिक योगदान को दर्शाता है, जहां मानवीय मूल्यों के साथ शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि 26, 27 और 28 दिसंबर को होने वाले कविता पाठ और कार्यक्रम कानपुर के सांस्कृतिक उत्थान और बच्चों में संस्कारों के विकास के लिए समर्पित होंगे।
कार्यक्रम में विश्वासम परिवार के सदस्य अनूप कुमार, आशीष पांडेय, रोहित यादव, अभय दुबे, डॉ. शैलेंद्र सिंह, मृदुल शुक्ला, कवि करतल किशोर, मुरारी शुक्ला, सुनील कुमार सिंह, विक्रम सिंह, राजन चौहान, हर्षित श्रीवास्तव, आदित्य अवस्थी, उत्कर्ष सक्सेना, उमर अब्दुल्ला, आर्यन यादव, अमित राजपूत, योगेश यादव सहित अनेक युवा और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
