संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। अपनी शादी करने के लिए लम्बी छुट्टी पर गए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा के कार्यालय न आने से बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के लम्बित भुगतान नहीं हो रहे हैं। शादी सम्पन्न होने के बाद भी लेखाधिकारी वापस नहीं लौटे हैं। कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के चलते जिले का कोई भी अधिकारी उनका चार्ज नहीं ले रहा है। शिक्षकों के अप्रैल महीने के वेतन का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से अवकाश पर चल रहे हैं, उन्होंने किसी भी अधिकारी को अपना चार्ज नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि पिछले छः महीने से एरियर के मद में आवंटित धनराशि के गबन को लेकर चल रही जांच और अब तक हुई कार्रवाई से अन्य विभागों के अधिकारी घबराए हुए हैं, लेखाधिकारी कार्यालय से सभी बराबर दूरी बनाए हुए हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए 236अरब 15करोड रु की ग्रांट जारी की गई है। इसमें अमेठी जिले का आवंटन एक अरब, तिरानबे करोड़ साठ लाख रुपए है। एक अरब 92करोड 140लाख रू वेतन भुगतान और शेष एरियर भुगतान के लिए है।
ग्रांट जारी होने के बाद भी वित्त एवं लेखाधिकारी के न होने के कारण शुक्रवार को वेतन भुगतान नहीं हो पाया। उधर प्राथमिक शिक्षक संघ और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से दिए गए पत्रों के अनुरूप शिक्षकों के लम्बित भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अब्दुल रसीद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयराम कनौजिया और महामंत्री रमाकांत मौर्य ने बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिक्षक समस्याओं के हल के लिए नये जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट किया है।
