जातीय जनगणना का फैसला देर से उठाया गया सही कदम, बसपा ने ही संघर्ष के बल पर लागू कराई मंडल कमीशन की रिपोर्ट
संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़अमेठी। बहुजन समाज पार्टी की जिला इकाई की बैठक गुरुवार को कान्हा मैरिज लान में हुई। बैठक में मुख्य मंडल प्रभारी अयोध्या मंडल दिलीप कुमार विमल और मंडल प्रभारी दया राम राजभर ने पार्टी संगठन के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान प्रगति संतोषजनक न मिलने पर मुख्य मंडल प्रभारी दिलीप कुमार विमल ने पदाधिकारियों की कड़ी क्लास लगाई और गांव चलो अभियान को तेज करते हुए सर्वसमाज का संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्य मंडल प्रभारी ने हीट वेव से बचाव करते हुए शाम के समय बैठकें करने की सलाह दी।

मुख्य मंडल प्रभारी दिलीप कुमार विमल ने बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर संवाद किया। जातीय जनगणना कराने के केंद्र सरकार के निर्णय को देर से उठाया गया सही कदम बताया। उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों पर हो रही अन्याय अत्याचार की घटनाओं, बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के अनादर की घटनाओं और भारतीय संविधान के मुद्दे पर चल रही राजनीति को लेकर डबल इंजन सरकार के साथ कांग्रेस और सपा को निशाने पर लिया और कहा कि कांग्रेस की गलतियों के कारण ही देर में भारतीय संविधान अब तक ठीक से नहीं लागू हो पाए। कांग्रेस, भाजपा,सपा सहित सभी दल आरक्षण के विरोधी हैं और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का दिल से सम्मान नहीं करते। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के अनादर की घटनाएं बंद नहीं हुईं तो बसपा सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
मंडल प्रभारी दया राम राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने पिछड़ी जातियों को हमेशा वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। काका कालेलकर की रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में डाल दिया और मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू नहीं की।1990में मान्यवर कांशीराम साहब और बहन मायावती जी के संघर्षों की बदौलत मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू हुई और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिला। पिछड़ी जातियों की आज राजनीति में जो भी हैसियत है वह बसपा की देन है। बसपा कार्यकर्ताओं को गांव गांव जाकर कांग्रेस, भाजपा और सपा की झूठी राजनीति से बहुजन समाज को सावधान करने की जिम्मेदारी दी।

बैठक का संचालन जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार ने किया। जिला प्रभारी अरुण कुमार गौतम, जिला उपाध्यक्ष बबलू पांडेय,राज पाल पाल,राम अभिलाष बौद्ध, पारसनाथ भारती, शिवराम, लक्ष्मण प्रसाद, मोहन लाल गौतम , मोती लाल ,राम केवल सरोज,नकली नेता आदि मौजूद रहे।
