विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश

आनंद अग्निहोत्री/पारदर्शी विकास न्यूज़ झूठा शपथ पत्र देकर फंसे कंसलटेंट का आदेश निरस्त करने के बजाय पावर कॉरपोरेशन उसे बचाने में लगा है: कठोर कार्यवाही करनी ही है तो घोटाला करने वाली टोरेंट और ग्रांट थॉर्टन कंपनी पर कार्यवाही की जाय:निजीकरण के विरोध में ज्ञापन दो अभियान जारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट द्वारा झूठा शपथ पत्र दिए जाने के बाद नियुक्ति का आदेश रद्द करने के बजाय पावर कार्पोरेशन प्रबंधन निजी कंसल्टेंट को बचाने में लगा है। ऊर्जा मंत्री द्वारा संविदा कर्मियों को बर्खास्त करने की कठोर कार्रवाई की प्रतिक्रिया में संघर्ष समिति ने कहा कि ऊर्जा मंत्री को कठोर कार्रवाई करनी ही है तो घोटाला करने वाली टोरेंट पावर कंपनी, ग्रेटर नोएडा पावर कंपनी और झूठा शपथ पत्र देकर फर्जीवाड़ा करने वाले ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन पर करनी चाहिए। निजीकरण के विरोध में ज्ञापन दो अभियान आज अवकाश के दिन भी जारी रहा। आज गोरखपुर में राज्यसभा के सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल को, गोंडा में लोकसभा के सांसद करण भूषण सिंह को और फूलपुर में लोकसभा के सांसद प्रवीण पटेल को ज्ञापन दिए गए।


संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट का झूठा शपथ पत्र और अमेरिका में उसके ऊपर लगी पेनल्टी का मामला सामने आने के बाद एक सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है और पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष फाइल को दबाए बैठे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि पता चला है कि ट्रांजैक्शन कंसलटेंट मे ग्रांट थॉर्टन को बचाने के लिए नई नई जुगत लगाई जा रही है और यह तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी पर अमेरिका में फाइन लगी है भारत में फाइन नहीं लगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण कि जिस कंपनी का चयन अमेरिका में काम करने के अनुभव के आधार पर किया गया है उस कंपनी पर अमेरिका में लगी पेनल्टी को नजर अंदाज कर इस कंपनी के जरिए उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों का निजीकरण कराया जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह खुला भ्रष्टाचार है जिस पर ऊर्जा मंत्री को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि कल शक्ति भवन में हुई बैठक के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री माननीय अरविंद कुमार शर्मा जी ने बिजली आपूर्ति में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर अत्यंत अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा है कि बिजली आपूर्ति में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि कठोर कार्यवाही करनी है तो ऊर्जा मंत्री को घोटाला सामने आने पर आगरा में टोरेंट पावर कंपनी पर, ग्रेटर नोएडा में नोएडा पावर कंपनी पर और झूठा शपथ पत्र देने वाली ग्रांट थॉर्टन पर तत्काल कठोर कार्यवाही करनी चाहिए।
संघर्ष समिति ने कहा कि टोरेंट पावर कंपनी ने पावर कारपोरेशन का 2200 करोड रुपए का बिजली राजस्व का बकाया हड़प रखा है। ऊर्जा मंत्री को तत्काल इस पर कड़ी कार्रवाई करनी ही चाहिए। इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा में काम कर रही नोएडा पावर कंपनी की अनियमितता सामने आने के बाद पावर कॉरपोरेशन और उत्तर प्रदेश सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय में उसका करार समाप्त करने के लिए मुकदमा लड़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में ग्रेटर नोएडा की पावर कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
संघर्ष समिति ने कहा कि घोटाला सामने आने के बाद ऊर्जा मंत्री को सबसे पहले पावर कारपोरेशन के प्रबंधन और ग्रांट थॉर्टन पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
निजीकरण के विरोध में आज बिजली कर्मचारियों ने गोरखपुर में राज्यसभा के सांसद डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल को ज्ञापन दिया। गोंडा में लोकसभा के सांसद करण भूषण सिंह को ज्ञापन दिया गया। फूलपुर में बिजली कर्मियों ने संसद सदस्य प्रवीण पटेल जी को ज्ञापन दिया। प्रदेश के अन्य जनपदों में कई विधायकों को निजीकरण के विरोध में ज्ञापन दिए गए।
ज्ञापन दो अभियान तथा विरोध सभा का क्रम सोमवार को भी जारी रहेगा।

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