जामों -छीडा -भादर मार्ग के निर्माण में खरगापुर में भूमि अधिग्रहण का मामला
रिट याचिका पर अगली सुनवाई नौ मई को
दस अप्रैल को वादी अस्पताल में था,एस डी एम ने उपस्थित दिखाकर राजस्व कर्मियों से तैयार कराईं मनमाफिक रिपोर्ट, सड़क में गयी जमीन का रकबा कम किया
संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। लोक निर्माण विभाग की ओर से बनवाएं गये छीड़ा -भादर मार्ग के निर्माण से एक काश्तकार की काफी जमीन चली गई है। काश्तकार की ओर से मुआवजे की मांग की गई है और उच्च न्यायालय में रिट याचिका की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एस डी एम ने कोर्ट को भेजी गई अपनी रिपोर्ट को बदलते हुए दूसरी झूठी सीमांकन रिपोर्ट तैयार कराईं है।इस मामले में हाईकोर्ट ने 9मई को जिलाधिकारी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
छीड़ा -भादर मार्ग के निर्माण के दौरान काश्तकार संतलाल पुत्र महावीर, निवासी खरगापुर, गाजीपुर की काफी जमीन गई है।यह भूमि भूखंड संख्या 1050,1051,1052और974में है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता -2006की धारा 24के अन्तर्गत एस डी एम ने 29अगस्त2024और10अप्रैल2025को पैमाइश कराई।10अप्रैल 2025को पैमाइश के समय वादी उपस्थित नहीं था। गंभीर स्थिति में वह वेंटीलेटर पर अस्पताल में था। 11अप्रैल को उसकी मृत्यु भी हो गई। 13सितम्बर2024को तहसीलदार ने पैमाइश रिपोर्ट में कहा है कि प्रभावित भूखंडों में 0.393हे जमीन जामों -भादर -छीडा मार्ग के अन्तर्गत है,इस पर आवेदक को कब्जा नहीं दिलाया जा सकता। रिट संख्या 4156-निहालचंद एवं छः अन्य की सुनवाई के दौरान अदालत ने मुआवजे के भुगतान के सम्बन्ध में डायरेक्शन जारी किया। कोर्ट के आदेश के बाद एस डी एम ने 10अप्रैल को एक झूठी पैमाइश रिपोर्ट तैयार कराईं और सड़क से आच्छादित जमीन का रकबा कम कर दिया है और कहा है कि 0.1215हेक्टेयर पर सड़क बनी है ,शेष पर वादी का कब्जा है। वादी के पुत्र निहाल चंद ने बताया कि 10अप्रैल को वह अपने पिता को लेकर वह अस्पताल में था।स्थल पर कोई पैमाइश नहीं हुई है। 11अप्रैल को मेरे पिता संतलाल की मृत्यु हो गई।एस डी एम महोदय ने मुआवजे के मामले में हमारा व्यक्तिगत नुकसान करने के लिए हाईकोर्ट को ग़लत रिपोर्ट भेजी है। रिट याचिका की अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 9मई की तारीख मुकर्रर की है और जिलाधिकारी को व्यक्तिगत एफिडेविट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि जामों -छीडा -भादर मार्ग बहुत पहले का बना हुआ था। शासन की ओर से धनावंटन के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क को काली कराया है।काम शुरू होने के बाद मामला अदालत में गया है। मेरी जानकारी में अगस्त/सितंबर में ही एस डी एम ने पैमाइश कराई थी।
