महिला कैदियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोड़ने के दिए निर्देश


राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने किया जिला कारागार का निरीक्षण

जनसुनवाई कर पीड़ितों की समस्या का किया मौके पर निस्तारण

अजय त्रिपाठी पारदर्शी विकास न्यूज़ बहराइच। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने मंगलवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सदस्य श्रीमती कुमारी द्वारा जेल में निरूद्ध महिला कैदियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के संबंध में जागरूक कर रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान उन्होंने सभी कैदियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने एवं स्टाफ को इसका कड़ाई से अनुपालन करने के लिए निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विदेशी कैदियों के खान-पान के हिसाब से अलग-अलग भोजन की नियमानुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। उन्होंने जेल की बिल्डिंग ज्यादा पुरानी होने के कारण से अलग बिल्डिंग के निर्माण का सुझाव भी दिया। इसके बाद सदस्य श्रीमती कुमारी द्वारा सखी वन स्टाप सेन्टर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि केन्द्र के कार्यालय में राष्ट्रपति, राज्यपाल व अन्य वीरांगना महिलाओं की तस्वीरें लगाई जाय। साथ ही केन्द्र के विस्तारीकरण हेतु प्रस्ताव बनाया जाय। केन्द्र में सुरक्षा गार्ड और गेटमैन आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। सदस्य ने बाल विवाह जैसी कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने व ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के बारे में भी जागरूकता शिविर लगाने एवं महिलाओं के आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास, स्वयं सहायता समूह आदि योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने के भी निर्देश दिये। सदस्य ने घरेलू हिंसा के विरूद्ध अभियान चलाकर इस पर नियंत्रण करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में विवाह का लम्बे समय तक बने रह पाना एवं संयुक्त परिवार का बना रहना भी संदेहपूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि इस हेतु राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ‘‘तेरे-मेरे सपने‘‘ शीर्षक के अन्तर्गत प्री-मैरिज काउंसिलिंग के लिए अनुमोदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि काउंसिलिंग के लिए चयन किसी एनजीओ या सामाजिक क्षेत्र में रूचि रखने वाली अनुभवी महिलाओं में से किया जा सकता है।
तत्पश्चात् सदस्य द्वारा विकास भवन सभागार में जनुसनवाई कर पीड़ितों की समस्याएं भी सुनी गई। जनुसनवाई के दौरान पूर्व पंजीकृत 30 मामलों में आज उपस्थित हुए 28 फरियादियों के मामलों का सुलह-समझौता के आधार पर मौके पर निस्तारण किया गया। इसी के साथ 16 नये मामलों का पंजीकरण भी किया गया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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