भूसा खरीद को नहीं हुए टेंडर, चार नये वृहद गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण शुरू

संजीव भारती/पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। अवारा गोवंशो की समस्या को कम करने के लिए जिले में चालू वित्तीय वर्ष में छः नये वृहद गोवंश आश्रय स्थल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से चार का निर्माण शुरू हो चुका है। जिले में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशो की ओर कम होकर बीस हजार के आसपास हो गई है। गायों के संरक्षण और अवारा गोवंशो की समस्या को दूर करने के लिए जिले में कुल 122गो आश्रय स्थल और कांजी हाउस संचालित किए गए हैं।इन आश्रय स्थलों के समुचित संचालन और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।हर सप्ताह समीक्षा बैठक की जाती है। अप्रैल महीने में गर्मी बढ़ने के बाद डी एम ने सभी गो आश्रय स्थलों पर छाया, भूसा,चारा पानी और पशु आहार के समुचित प्रबंध के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि हरे चारे और पशु आहार की समुचित उपलब्धता सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर नहीं है। बड़ी संख्या में गोवंश रात में आश्रय स्थलों से बाहर छोड़ दिए जाते हैं।ये अवारा गोवंश रात में सब्जियों की फसल नष्ट कर रहे हैं।

शुरू हुआ चार वृहद गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण

जिले में छः नये वृहद गोवंश आश्रय स्थल स्वीकृत हुए हैं। रोंहसीबुजुर्ग -गौरीगंज,कठौरा,-, जगदीशपुर, पीढ़ी -तिलोई और तारापुर -संग्रामपुर में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सेमरौता और गोरिया बाद में अभी काम नहीं शुरू हो पाया है।

भूसा खरीद को नहीं हुए टेंडर
शासन की ओर से गोवंश आश्रय स्थलों के लिए भूसा खरीद के लिए,600से650रु प्रति कुंतल की दर से भूसा खरीद के निर्देश दिए हैं। बुधवार तक अधिकांश विकास खंडों में भूसा खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है । बुधवार को कई विकास खंडों में खंड विकास अधिकारियों ने इस संबंध में अपने स्टाफ के साथ बातचीत कर ग्राम पंचायत स्तर पर टेंडर निकालने के निर्देश दिए।

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